Godhan Nyay Yojana 70th Installment 2023 Update : godhannyay.cgstate.gov.in Login, App (छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना 2023 किश्त)

छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना 2023 किश्त: गोधन न्याय योजना छत्तीसगढ़ में पशुपालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 20 जुलाई 2020 को शुरू की थी। इस योजना के तहत पशुपालकों से गोबर की खरीद की जाती है, पशुपालन को लाभदायक बनाने के लिए इसे व्यावसायिक बनाया जाता है, खेतों में चराई की समस्याओं को सुलझाया जाता है, किसानों की फसलों को नुकसान से बचाने का प्रयास किया जाता है, और आवारा जानवरों के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं की समस्या का समाधान किया जाता है।

Godhan Nyay Yojana

छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना 2023 किश्त 

यह योजना देश में ऐसी पहली योजना है जिसमें पशुपालकों से गोबर की खरीदारी ₹2 प्रति किलोग्राम और गौमूत्र की खरीदारी ₹4 प्रति किलोग्राम की दर पर की जाती है। छत्तीसगढ़ सरकार ने पशुपालन को बढ़ावा देने और इसे व्यावसायिक बनाने के लिए गोधन न्याय योजना की शुरुआत की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य गायों के द्वारा खुले में चराई को रोकना और आवारा पशुओं के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं की समस्या का समाधान करना है। छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना भारत का पहला ऐसा राज्य बन गया है जहां सरकार पशु मालिकों से गोबर खरीदती है। गोधन न्याय योजना का आरम्भ हरेली उत्सव के दिन से हुआ है।

यह योजना पशुपालकों के लिए एक बड़ा लाभकारी कदम है जिससे पशुपालन और गाय-गोबर प्रबंधन में अधिक लाभ मिलने लगा है। गोबर खरीद योजना के प्रयासों से रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं और पशुपालक किसानों की अतिरिक्त आय भी बढ़ रही है। इस योजना के अंतर्गत, गाय के गोबर को निर्धारित दर पर खरीदा जाएगा और सहकारी समितियों द्वारा संग्रहीत किया जाएगा। मंत्रिमंडल के तहत गठित 5 सदस्यों की उप-समिति ने गोधन की खरीद दर का निर्धारण किया था।

गोधन न्याय योजना 70वीं किश्त

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बगेल ने 20 जून 2023 को गोधन न्याय योजना के अंतर्गत विभिन्न लाभार्थियों को ₹12.72 करोड़ की राशि का ऑनलाइन ट्रांसफर किया। इसमें गोबर विक्रेताओं को 4.79 करोड़ रुपये, गौठान समितियों को 4.67 करोड़ रुपये और महिला स्वयं सहायता समूहों को 3.26 करोड़ रुपये का लाभ मिला है। गोबर खरीद की दर 2 रुपये प्रति किलो है और यह राशि पंजीकृत विक्रेताओं और पशुपालकों से वसूली जा रही है। गोधन न्याय योजना के तहत, ग्रामीण पशुपालकों, गौठान समितियों और महिला समूहों को ऑनलाइन भुगतान किया जा रहा है।

इसके अलावा, 1 जून 2023 से 15 जून 2023 तक गौठानों में पशुपालक ग्रामीणों, किसानों और भूमिहीनों से खरीदी गई गोबर के लिए भुगतान किया गया है, साथ ही गौठान समितियों और महिला समूहों को भी भुगतान किया गया है। गोधन न्याय योजना के अंतर्गत, गोबर विक्रेताओं, गौठान समितियों और महिला स्व-सहायता समूहों को 20 जून 2023 तक 488 करोड़ 67 लाख रुपये का भुगतान किया गया है।

Godhan Nyay Yojana

गोधन न्याय योजना में महिला स्वयं सहायता समूहों, भूमिहीनों, चरवाहों, किसानों, पशुपालकों और युवाओं की आर्थिक भागीदारी है। छत्तीसगढ़ में गोधन के संरक्षण और संवर्धन के लिए गांवों में गौठानों का निर्माण गति से किया जा रहा है। गौठानों में पशुधन की देखभाल, उपचार और चारा-पानी का निःशुल्क बेहतर प्रबंधन होता है।

छत्तीसगढ़ सरकार ने गौमूत्र खरीदने की शुरुआत 28 जुलाई 2022 से की है। गौमूत्र से बह्रमास्त्र कीटनाशक का उत्पादन भी किया जा रहा है और उसकी बिक्री भी लगातार हो रही है। अब गौठान सभी सुविधाओं के साथ आर्थिक केंद्र बन रहे हैं।

Godhan Nyay Yojana App Download

यदि किसान या पशुपालक गोधन न्याय योजना के तहत गोबर बेचना चाहते हैं, तो उन्हें अपना आवेदन अब करना होगा। गोधन न्याय योजना के पंजीकरण के लिए सभी पशुपालकों को मोबाइल एप्लिकेशन डाउनलोड करनी होगी। गोधन न्याय योजना ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां जा सकते हैं - https://play.google.com/store/apps/details?id=com.chips.godhanyojna&hl=en_IN&gl=US। इस लिंक पर क्लिक करने पर आपके सामने ऐप डाउनलोड पेज खुलेगा।

राज्य की महत्वाकांक्षी सुराजी गांव योजना के अंतर्गत नरवा, गरूवा, घुरूवा और बाड़ी का संरक्षण और संवर्धन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के तहत प्रदेश में गौठान स्थापित किया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा गौठान की गतिविधियों में विस्तार करके गोठान में गोबर खरीद कर उससे वर्मी कम्पोस्ट और अन्य उत्पाद तैयार करने के लिए गोधन न्याय योजना की शुरुआत छत्तीसगढ़ के महत्वपूर्ण पर्व "हरेली" (20 जुलाई 2020) से हुई है। योजना के कार्यान्वयन से जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में नए रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे, गौपालन और गो-सुरक्षा को प्रोत्साहित किया जाएगा, साथ ही पशुपालकों को आर्थिक लाभ मिलेगा। आगामी वर्षों में नए गोठानों की स्थापना के साथ-साथ योजना का विस्तार भी किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना 2023 के उद्देश्य 

गोधन न्याय योजना को शुरू करने का मुख्य कारण आवारा पशुओं की समस्या को हल करना और किसानों और पशुपालकों को लाभ प्रदान करना था। छत्तीसगढ़ में खुले में आवारा पशुओं को चराने की परंपरा है, जो किसानों की फसलों को काफी नुकसान पहुंचाती है। इसके अलावा, शहरों की सड़कों पर आवारा जानवर सड़क दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण है। गाय और भेड़-बकरी के मालिक अपने जानवरों को खुले में छोड़ देते हैं, जिससे कई प्रकार की समस्याएं होती हैं। पशुपालकों के आर्थिक हितों की सुरक्षा के लिए छत्तीसगढ़ राज्य सरकार ने गोधन न्याय योजना की शुरुआत की है, जिसके मुख्य उद्देश्य इस प्रकार हैं:

  • पशुपालकों की आय में वृद्धि।
  • पशुधन विचरण और खुली चराई पर रोक।
  • जैविक खाद के उपयोग को बढ़ावा और रासायनिक उर्वरक का उपयोग कम करना।
  • खरीफ और रबी फसल की सुरक्षा और द्विफसलीय क्षेत्र का विस्तार।
  • स्थानीय स्तर पर जैविक खाद

List of Documents Required for Godhan Nyay Yojana

गोधन न्याय योजना के लिए आवेदन करते समय निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होगी:

  1. मूल निवास प्रमाण पत्र 
  2. आधार कार्ड
  3. बैंक खाते की पासबुक की प्रति
  4. मोबाइल नंबर
  5. किसान कार्ड 
  6. आय प्रमाण पत्र गो-धन न्याय योजना 

किस तरह की समस्याओं को ठीक करेगी? 

गोधन न्याय योजना के लागू होने से पशुपालक अपने मवेशियों को उचित चारा-पानी उपलब्ध कराएंगे और उन्हें अपने स्थान पर बांध कर रखेंगे। जिससे किसानों की मेहनत से उगाई फसल बचेगी, सड़क दुर्घटनाएं काम होंगी, पर्यावरण की रक्षा होगी, किसान के लिए गोबर बेचना आसान होगा, कमाई के साधन बढ़ेंगे व अन्य समस्याएं भी सुलझेंगी।

गाय के गोबर की खरीद दर 

गोधन न्याय योजना के तहत गोबर की खरीद दर (२ रुपये प्रति किलो) कैबिनेट की ५ सदस्यीय उप-समिति द्वारा तय की गई थी। कैबिनेट उप-समिति की अध्यक्षता कृषि और जल संसाधन मंत्री ने की थी। इस समिति में वन मंत्री, सहकारिता मंत्री, नगरीय प्रशासन मंत्री, राजस्व मंत्री भी शामिल थे। पशुपालकों, किसानों, गौशाला संचालकों और अन्य विशेषज्ञों से प्राप्त सुझावों पर विचार-विमर्श करने के बाद गोबर की खरीद दर तय की गई थी।

राज्य सरकार ख़रीदे गए गोबर का क्या करेगी? 

गोबर को खरीदकर इसका उपयोग कृमि खाद के उत्पादन के लिए किया जाएगा। इसके माध्यम से पौधा सहकारी समितियाँ किसानों की उर्वरक आवश्यकता को पूरा करेंगी और इसके साथ-साथ कृषि, वन, बागवानी, और शहरी प्रशासन विभागों के विभिन्न वृक्षारोपण अभियानों में सहायता प्रदान करेंगे। इस योजना को लागू करने के लिए राज्य शहरी प्रशासन जिम्मेदार होगा। राज्य सरकार इसके अलावा अतिरिक्त जैविक उर्वरक के विपणन के लिए अन्य व्यवस्थाएं भी करेगी।

For more details visit the official website godhannyay.cgstate.gov.in

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