हिंदू व्रत एवं त्योहार 2026 की पूरी सूची यहां महीनेवार दी गई है। इस कैलेंडर में प्रमुख हिंदू व्रत, एकादशी, पूर्णिमा, अमावस्या, संक्रांति, प्रमुख पर्व और धार्मिक उत्सवों की तिथियां शामिल हैं। वर्ष 2026 में मकर संक्रांति, महाशिवरात्रि, होली, चैत्र नवरात्रि, राम नवमी, हनुमान जयंती, अक्षय तृतीया, गंगा दशहरा, देवशयनी एकादशी, रक्षाबंधन, जन्माष्टमी, गणेश चतुर्थी, नवरात्रि, दशहरा, दीपावली, छठ पूजा और देवउठनी एकादशी जैसे कई महत्वपूर्ण पर्व पड़ेंगे।
हिंदू त्योहारों की तिथियां चंद्रमा, सूर्य की स्थिति, तिथि, नक्षत्र और स्थानीय सूर्योदय पर आधारित होती हैं। इसलिए अलग-अलग शहरों या पंचांग परंपराओं में कुछ तिथियों और पूजा मुहूर्त में अंतर हो सकता है। किसी विशेष पूजा के लिए स्थानीय पंचांग से समय की पुष्टि करना उचित है।
त्वरित जानकारी - 2026 में होली 4 मार्च, चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से, राम नवमी 26 मार्च, हनुमान जयंती 2 अप्रैल, अक्षय तृतीया 19 अप्रैल, गुरु पूर्णिमा 29 जुलाई, रक्षाबंधन 28 अगस्त, जन्माष्टमी 4 सितंबर, गणेश चतुर्थी 14 सितंबर, दशहरा 20 अक्टूबर और दीपावली 8 नवंबर को रहेगी।हिंदू व्रत एवं त्योहार 2026 की महीनेवार सूची
जनवरी 2026 के व्रत और त्योहार
| तिथि | व्रत/त्योहार |
|---|---|
| 3 जनवरी | पौष पूर्णिमा |
| 6 जनवरी | सकट चौथ |
| 14 जनवरी | मकर संक्रांति, पोंगल, षटतिला एकादशी |
| 18 जनवरी | मौनी अमावस्या |
| 23 जनवरी | वसंत पंचमी |
| 25 जनवरी | रथ सप्तमी |
| 26 जनवरी | भीष्म अष्टमी |
| 29 जनवरी | जया एकादशी |
जनवरी में मकर संक्रांति और वसंत पंचमी जैसे प्रमुख पर्व आते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मकर संक्रांति पर स्नान, दान और सूर्य पूजा का विशेष महत्व माना जाता है, जबकि वसंत पंचमी को मां सरस्वती की आराधना का दिन माना जाता है।
फरवरी 2026 के व्रत और त्योहार
| तिथि | व्रत/त्योहार |
|---|---|
| 1 फरवरी | माघ पूर्णिमा |
| 13 फरवरी | विजया एकादशी, कुंभ संक्रांति |
| 15 फरवरी | महाशिवरात्रि |
| 17 फरवरी | सूर्य ग्रहण |
| 27 फरवरी | आमलकी एकादशी |
महाशिवरात्रि फरवरी का प्रमुख धार्मिक पर्व रहेगा। इस दिन श्रद्धालु भगवान शिव का अभिषेक, पूजा, मंत्र जाप और व्रत करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रात्रि में शिव पूजा का विशेष महत्व माना जाता है।
मार्च 2026 के व्रत और त्योहार
| तिथि | व्रत/त्योहार |
|---|---|
| 3 मार्च | होलिका दहन, छोटी होली, फाल्गुन पूर्णिमा |
| 4 मार्च | होली |
| 11 मार्च | शीतला अष्टमी |
| 15 मार्च | पापमोचिनी एकादशी, मीन संक्रांति |
| 19 मार्च | चैत्र नवरात्रि प्रारंभ, हिंदू नववर्ष, गुड़ी पड़वा, उगादी |
| 21 मार्च | गणगौर |
| 24 मार्च | यमुना छठ |
| 26 मार्च | राम नवमी |
| 29 मार्च | कामदा एकादशी |
2026 में होलिका दहन 3 मार्च और होली 4 मार्च को होगी। इसके बाद 19 मार्च से चैत्र नवरात्रि प्रारंभ होगी। राम नवमी 26 मार्च को मनाई जाएगी। पंचांग स्रोत के अनुसार राम नवमी की स्मार्त तिथि 26 मार्च और कुछ परंपराओं में 27 मार्च का उल्लेख मिलता है।
अप्रैल 2026 के व्रत और त्योहार
| तिथि | व्रत/त्योहार |
|---|---|
| 2 अप्रैल | हनुमान जयंती, चैत्र पूर्णिमा |
| 13 अप्रैल | वरुथिनी एकादशी |
| 14 अप्रैल | मेष संक्रांति |
| 19 अप्रैल | परशुराम जयंती, अक्षय तृतीया |
| 23 अप्रैल | गंगा सप्तमी |
| 25 अप्रैल | सीता नवमी |
| 27 अप्रैल | मोहिनी एकादशी |
| 30 अप्रैल | नृसिंह जयंती |
अक्षय तृतीया 19 अप्रैल को होगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन शुभ कार्य, दान-पुण्य, भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है।
मई 2026 के व्रत और त्योहार
| तिथि | व्रत/त्योहार |
|---|---|
| 1 मई | बुद्ध पूर्णिमा |
| 2 मई | नारद जयंती |
| 13 मई | अपरा एकादशी |
| 15 मई | वृषभ संक्रांति |
| 16 मई | वट सावित्री व्रत, शनि जयंती |
| 25 मई | गंगा दशहरा |
| 27 मई | पद्मिनी एकादशी |
| 31 मई | ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा |
जून 2026 के व्रत और त्योहार
| तिथि | व्रत/त्योहार |
|---|---|
| 11 जून | परमा एकादशी |
| 15 जून | मिथुन संक्रांति |
| 25 जून | निर्जला एकादशी |
| 29 जून | वट पूर्णिमा व्रत, ज्येष्ठ पूर्णिमा |
निर्जला एकादशी जून का प्रमुख व्रत है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस व्रत में भगवान विष्णु की आराधना की जाती है। स्वास्थ्य संबंधी कारणों से कठोर उपवास करने में कठिनाई हो तो व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार व्रत रख सकता है।
जुलाई 2026 के व्रत और त्योहार
| तिथि | व्रत/त्योहार |
|---|---|
| 10 जुलाई | योगिनी एकादशी |
| 16 जुलाई | जगन्नाथ रथयात्रा, कर्क संक्रांति |
| 25 जुलाई | देवशयनी एकादशी |
| 29 जुलाई | गुरु पूर्णिमा, आषाढ़ पूर्णिमा |
देवशयनी एकादशी से चातुर्मास की शुरुआत मानी जाती है। धार्मिक परंपराओं के अनुसार इस अवधि में भगवान विष्णु के शयन की मान्यता है और कई शुभ मांगलिक कार्यों पर विराम माना जाता है।
अगस्त 2026 के व्रत और त्योहार
| तिथि | व्रत/त्योहार |
|---|---|
| 9 अगस्त | कामिका एकादशी |
| 15 अगस्त | हरियाली तीज |
| 17 अगस्त | नाग पंचमी, सिंह संक्रांति |
| 23 अगस्त | श्रावण पुत्रदा एकादशी |
| 26 अगस्त | ओणम |
| 28 अगस्त | वरलक्ष्मी व्रत, रक्षाबंधन, गायत्री जयंती, श्रावण पूर्णिमा |
| 31 अगस्त | कजरी तीज |
अगस्त में रक्षाबंधन, नाग पंचमी, हरियाली तीज और श्रावण पुत्रदा एकादशी जैसे प्रमुख पर्व होंगे। 23 अगस्त को श्रावण पुत्रदा एकादशी और 28 अगस्त को रक्षाबंधन तथा श्रावण पूर्णिमा रहेगी।
सितंबर 2026 के व्रत और त्योहार
| तिथि | व्रत/त्योहार |
|---|---|
| 4 सितंबर | श्रीकृष्ण जन्माष्टमी |
| 7 सितंबर | अजा एकादशी |
| 14 सितंबर | हरतालिका तीज, गणेश चतुर्थी |
| 15 सितंबर | ऋषि पंचमी |
| 16 सितंबर | बलराम जयंती |
| 17 सितंबर | विश्वकर्मा पूजा, कन्या संक्रांति |
| 19 सितंबर | राधाष्टमी |
| 22 सितंबर | पार्श्व एकादशी |
| 25 सितंबर | गणेश विसर्जन, अनंत चतुर्दशी |
| 26 सितंबर | भाद्रपद पूर्णिमा |
| 27 सितंबर | पितृ पक्ष प्रारंभ |
सितंबर में जन्माष्टमी और गणेश चतुर्थी सबसे प्रमुख पर्वों में रहेंगे। गणेश चतुर्थी 14 सितंबर को होगी और गणेश उत्सव का समापन 25 सितंबर को गणेश विसर्जन तथा अनंत चतुर्दशी के अवसर पर होगा।
अक्टूबर 2026 के व्रत और त्योहार
| तिथि | व्रत/त्योहार |
|---|---|
| 6 अक्टूबर | इंदिरा एकादशी |
| 10 अक्टूबर | सर्वपितृ अमावस्या |
| 11 अक्टूबर | शारदीय नवरात्रि प्रारंभ |
| 16 अक्टूबर | सरस्वती आवाहन |
| 17 अक्टूबर | सरस्वती पूजा |
| 19 अक्टूबर | दुर्गा अष्टमी, महानवमी |
| 20 अक्टूबर | विजयादशमी, दशहरा |
| 22 अक्टूबर | पापांकुशा एकादशी |
| 25 अक्टूबर | शरद पूर्णिमा, कोजागरी पूजा |
| 29 अक्टूबर | करवा चौथ |
11 अक्टूबर से शारदीय नवरात्रि शुरू होगी। 19 अक्टूबर को दुर्गा अष्टमी और महानवमी तथा 20 अक्टूबर को विजयादशमी और दशहरा मनाया जाएगा।
नवंबर 2026 के व्रत और त्योहार
| तिथि | व्रत/त्योहार |
|---|---|
| 1 नवंबर | अहोई अष्टमी |
| 5 नवंबर | गोवत्स द्वादशी, रमा एकादशी |
| 6 नवंबर | धनतेरस |
| 7 नवंबर | काली चौदस |
| 8 नवंबर | नरक चतुर्दशी, दीपावली, लक्ष्मी पूजा |
| 10 नवंबर | गोवर्धन पूजा |
| 11 नवंबर | भैया दूज |
| 15 नवंबर | छठ पूजा |
| 20 नवंबर | देवउठनी एकादशी |
| 21 नवंबर | तुलसी विवाह |
| 24 नवंबर | कार्तिक पूर्णिमा |
नवंबर में दीपावली का प्रमुख पर्व 8 नवंबर को होगा। इसके बाद गोवर्धन पूजा, भाई दूज और छठ पूजा जैसे महत्वपूर्ण पर्व मनाए जाएंगे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान, दीपदान और दान-पुण्य का विशेष महत्व माना जाता है।
दिसंबर 2026 के व्रत और त्योहार
| तिथि | व्रत/त्योहार |
|---|---|
| 1 दिसंबर | कालभैरव जयंती |
| 4 दिसंबर | उत्पन्ना एकादशी |
| 14 दिसंबर | विवाह पंचमी |
| 16 दिसंबर | धनु संक्रांति |
| 20 दिसंबर | गीता जयंती, मोक्षदा एकादशी |
| 23 दिसंबर | दत्तात्रेय जयंती, मार्गशीर्ष पूर्णिमा |
2026 के प्रमुख व्रत और त्योहार एक नजर में
| पर्व/व्रत | 2026 की तिथि |
|---|---|
| मकर संक्रांति | 14 जनवरी 2026 |
| वसंत पंचमी | 23 जनवरी 2026 |
| महाशिवरात्रि | 15 फरवरी 2026 |
| होली | 4 मार्च 2026 |
| चैत्र नवरात्रि प्रारंभ | 19 मार्च 2026 |
| राम नवमी | 26 मार्च 2026 |
| हनुमान जयंती | 2 अप्रैल 2026 |
| अक्षय तृतीया | 19 अप्रैल 2026 |
| नृसिंह जयंती | 30 अप्रैल 2026 |
| बुद्ध पूर्णिमा | 1 मई 2026 |
| गंगा दशहरा | 25 मई 2026 |
| निर्जला एकादशी | 25 जून 2026 |
| जगन्नाथ रथयात्रा | 16 जुलाई 2026 |
| देवशयनी एकादशी | 25 जुलाई 2026 |
| गुरु पूर्णिमा | 29 जुलाई 2026 |
| रक्षाबंधन | 28 अगस्त 2026 |
| श्रीकृष्ण जन्माष्टमी | 4 सितंबर 2026 |
| गणेश चतुर्थी | 14 सितंबर 2026 |
| शारदीय नवरात्रि प्रारंभ | 11 अक्टूबर 2026 |
| दशहरा | 20 अक्टूबर 2026 |
| करवा चौथ | 29 अक्टूबर 2026 |
| धनतेरस | 6 नवंबर 2026 |
| दीपावली | 8 नवंबर 2026 |
| गोवर्धन पूजा | 10 नवंबर 2026 |
| भैया दूज | 11 नवंबर 2026 |
| छठ पूजा | 15 नवंबर 2026 |
| देवउठनी एकादशी | 20 नवंबर 2026 |
| तुलसी विवाह | 21 नवंबर 2026 |
| गीता जयंती | 20 दिसंबर 2026 |
2026 में एकादशी व्रत की सूची
हिंदू परंपरा में प्रत्येक पक्ष की एकादशी को भगवान विष्णु की उपासना के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। 2026 में प्रमुख एकादशी तिथियां इस प्रकार हैं:
- षटतिला एकादशी - 14 जनवरी 2026
- जया एकादशी - 29 जनवरी 2026
- विजया एकादशी - 13 फरवरी 2026
- आमलकी एकादशी - 27 फरवरी 2026
- पापमोचिनी एकादशी - 15 मार्च 2026
- कामदा एकादशी - 29 मार्च 2026
- वरुथिनी एकादशी - 13 अप्रैल 2026
- मोहिनी एकादशी - 27 अप्रैल 2026
- अपरा एकादशी - 13 मई 2026
- पद्मिनी एकादशी - 27 मई 2026
- परमा एकादशी - 11 जून 2026
- निर्जला एकादशी - 25 जून 2026
- योगिनी एकादशी - 10 जुलाई 2026
- देवशयनी एकादशी - 25 जुलाई 2026
- कामिका एकादशी - 9 अगस्त 2026
- श्रावण पुत्रदा एकादशी - 23 अगस्त 2026
- अजा एकादशी - 7 सितंबर 2026
- पार्श्व एकादशी - 22 सितंबर 2026
- इंदिरा एकादशी - 6 अक्टूबर 2026
- पापांकुशा एकादशी - 22 अक्टूबर 2026
- रमा एकादशी - 5 नवंबर 2026
- देवउठनी एकादशी - 20 नवंबर 2026
- उत्पन्ना एकादशी - 4 दिसंबर 2026
- मोक्षदा एकादशी - 20 दिसंबर 2026
व्रत रखने की सामान्य पूजा विधि
हर व्रत की पूजा विधि अलग हो सकती है, लेकिन सामान्य रूप से निम्न प्रक्रिया अपनाई जाती है:
- व्रत के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें।
- पूजा स्थान की सफाई करके भगवान की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
- अपने व्रत के अनुसार संकल्प लें।
- भगवान को जल, पुष्प, अक्षत, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित करें।
- संबंधित देवता के मंत्र, स्तोत्र या व्रत कथा का पाठ करें।
- दिनभर सात्त्विक आहार या निर्धारित उपवास नियमों का पालन करें।
- शाम को दोबारा पूजा और आरती करें।
- जिस व्रत में पारण का नियम हो, उसमें अगले दिन निर्धारित समय के अनुसार व्रत खोलें।
व्रत के दौरान किन बातों का ध्यान रखें?
- व्रत के नियम संबंधित व्रत की परंपरा और परिवार की धार्मिक मान्यता के अनुसार रखें।
- सात्त्विक भोजन का सेवन करें और मांसाहार, नशीले पदार्थ तथा अनावश्यक तामसिक भोजन से बचें।
- पूजा के दौरान मन को शांत रखें और क्रोध, विवाद तथा नकारात्मक विचारों से दूर रहने का प्रयास करें।
- व्रत कथा और पूजा विधि को समझकर करना अधिक उपयोगी माना जाता है।
- बीमारी, गर्भावस्था, वृद्धावस्था या अन्य स्वास्थ्य संबंधी स्थिति में कठोर उपवास करने से पहले डॉक्टर की सलाह लें।
- केवल धार्मिक मान्यता के आधार पर दवा या आवश्यक भोजन बंद न करें।
त्योहारों की पूजा के लिए सामान्य सामग्री
अधिकांश सामान्य हिंदू पूजा में निम्न सामग्री उपयोग की जा सकती है। हालांकि किसी विशेष पर्व की पूजा सामग्री अलग हो सकती है।
- जल से भरा कलश
- रोली और कुमकुम
- अक्षत
- पुष्प और माला
- धूप और दीपक
- घी या तेल
- फल और मिठाई
- नैवेद्य
- पान और सुपारी
- मौली/कलावा
- पूजा की संबंधित पुस्तक या व्रत कथा
2026 के प्रमुख त्योहारों का धार्मिक महत्व
महाशिवरात्रि
महाशिवरात्रि भगवान शिव को समर्पित प्रमुख पर्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन शिवलिंग पर जल और बेलपत्र अर्पित करना तथा भगवान शिव का ध्यान करना शुभ माना जाता है।
होली
होली रंगों और उल्लास का प्रमुख पर्व है। इसके एक दिन पहले होलिका दहन किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं में होलिका दहन को अधर्म पर धर्म की विजय से जोड़ा जाता है।
चैत्र नवरात्रि
चैत्र नवरात्रि में नौ दिनों तक मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा की जाती है। श्रद्धालु अपनी परंपरा के अनुसार व्रत, जप, पाठ और कन्या पूजन करते हैं।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी
जन्माष्टमी भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है। इस दिन व्रत, श्रीकृष्ण पूजा, भजन और मध्यरात्रि में जन्मोत्सव मनाने की परंपरा है।
गणेश चतुर्थी
गणेश चतुर्थी भगवान गणेश को समर्पित प्रमुख पर्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गणेश जी की पूजा शुभ कार्यों से पहले विघ्नों को दूर करने के लिए की जाती है। 2026 में गणेश चतुर्थी 14 सितंबर को होगी।
शारदीय नवरात्रि और दशहरा
शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा की जाती है और दसवें दिन विजयादशमी मनाई जाती है। धार्मिक परंपरा में दशहरे को धर्म की विजय का प्रतीक माना जाता है।
दीपावली
दीपावली प्रकाश और उत्साह का प्रमुख पर्व है। इस दिन घरों की सफाई, दीप प्रज्वलन और लक्ष्मी-गणेश पूजा की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार लक्ष्मी पूजा से सुख, समृद्धि और शुभता की कामना की जाती है।
क्या 2026 के सभी हिंदू त्योहार पूरे भारत में एक ही दिन होंगे?
जरूरी नहीं। हिंदू पंचांग में कई पर्वों की गणना स्थानीय सूर्योदय, तिथि और क्षेत्रीय परंपरा के आधार पर होती है। इसी कारण उत्तर भारत, दक्षिण भारत और अलग-अलग पंचांग परंपराओं में कुछ त्योहारों की तारीख अलग हो सकती है। किसी विशेष धार्मिक अनुष्ठान के लिए अपने शहर का पंचांग देखना सबसे उपयुक्त तरीका है।
2026 हिंदू व्रत एवं त्योहार कैलेंडर से जुड़ी जरूरी बातें
- व्रत और त्योहार की तिथि पंचांग के अनुसार निर्धारित होती है।
- कुछ पर्वों की तारीख क्षेत्र के अनुसार बदल सकती है।
- पूजा का मुहूर्त शहर के अनुसार अलग हो सकता है।
- एकादशी में व्रत से अधिक महत्वपूर्ण सही तिथि और पारण का समय माना जाता है।
- ग्रहण से संबंधित धार्मिक नियमों में भी क्षेत्रीय और परंपरागत अंतर हो सकता है।
- कठोर उपवास स्वास्थ्य की स्थिति को ध्यान में रखकर ही करना चाहिए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
2026 में हिंदू त्योहारों की शुरुआत कब से होगी?
जनवरी 2026 से हिंदू व्रत एवं त्योहारों का नया वार्षिक चक्र शुरू होगा। जनवरी में पौष पूर्णिमा, सकट चौथ, मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या और वसंत पंचमी प्रमुख अवसर हैं।
2026 में महाशिवरात्रि कब है?
2026 में महाशिवरात्रि 15 फरवरी, रविवार को मनाई जाएगी।
2026 में होली कब है?
2026 में होली 4 मार्च, बुधवार को होगी और होलिका दहन 3 मार्च को होगा।
2026 में चैत्र नवरात्रि कब शुरू होगी?
चैत्र नवरात्रि 19 मार्च 2026 से शुरू होगी।
2026 में राम नवमी कब है?
2026 में राम नवमी की प्रमुख तिथि 26 मार्च है। कुछ पंचांग परंपराओं में 27 मार्च का भी उल्लेख मिलता है, इसलिए स्थानीय पंचांग देखना उचित है।
2026 में हनुमान जयंती कब है?
2026 में हनुमान जयंती 2 अप्रैल को मनाई जाएगी।
2026 में रक्षाबंधन कब है?
2026 में रक्षाबंधन 28 अगस्त, शुक्रवार को मनाया जाएगा।
2026 में जन्माष्टमी कब है?
2026 में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 4 सितंबर, शुक्रवार को होगी।
2026 में गणेश चतुर्थी कब है?
2026 में गणेश चतुर्थी 14 सितंबर, सोमवार को होगी और गणेश विसर्जन 25 सितंबर को होगा।
2026 में दशहरा कब है?
2026 में विजयादशमी और दशहरा 20 अक्टूबर, मंगलवार को मनाया जाएगा।
2026 में दीपावली कब है?
2026 में दीपावली और लक्ष्मी पूजा 8 नवंबर, रविवार को होगी।
2026 में छठ पूजा कब है?
2026 में छठ पूजा 15 नवंबर, रविवार को होगी।

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